Om Jai Jagdish Hare Aarti ॐ जय जगदीश हरे आरती

स्वागत है आपका अजनाभ में, आज हम चर्चा करेंगे हिन्दू धर्म के सबसे ज़्यादा प्रचलित आरती ॐ जय जगदीश हरे की। इस गाने को स्वामी शिवानंद सरस्वती ने लिखा था और ये गीताप्रेस से प्रकाशित हुआ था जो हिन्दू धर्म के प्रचार प्रसार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम है। शिवानंद सरस्वती एक प्रवचनकार थे और ये आरती वो अपने प्रवचन की समाप्ति पर गाते थे। तभी से ये आरती हिन्दू धर्म में पूजा पाठ के समय गयी जाने वाली सबसे लोकप्रिय भजन के रूप में प्रयोग होने लगी। आरती के बोल इस प्रकार हैं।

ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे |
भक्त जनों के संकट,
दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे |
ॐ जय जगदीश हरे ||

जो ध्यावे फल पावे,
दुःखबिन से मन का,
स्वामी दुःखबिन से मन का |
सुख सम्पति घर आवे,
सुख सम्पति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का |
ॐ जय जगदीश हरे ||

मात पिता तुम मेरे,
शरण गहूं किसकी,
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी |
तुम बिन और न दूजा,
तुम बिन और न दूजा,
आस करूं मैं जिसकी |
ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी,
स्वामी तुम अन्तर्यामी |
पारब्रह्म परमेश्वर,
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सब के स्वामी |
ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम करुणा के सागर,
तुम पालनकर्ता,
स्वामी तुम पालनकर्ता |
मैं मूरख फलकामी
मैं सेवक तुम स्वामी
,
कृपा करो भर्ता |
ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति,
स्वामी सबके प्राणपति |
किस विधि मिलूं दयामय,
किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं कुमति |
ॐ जय जगदीश हरे ||

दीनबन्धु दुःखहर्ता,
ठाकुर तुम मेरे,
स्वामी रक्षक तुम मेरे |
अपने हाथ उठाओ,
अपने शरण लगाओ
द्वार पड़ा तेरे 
|
ॐ जय जगदीश हरे ||

विषयविकार मिटाओ,
पाप हरो देवा,
स्वमी पाप हरो देवा |
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा |
ॐ जय जगदीश हरे ||

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics In English

Om Jai Jagadish Hare
Swami Jai Jagadish Hare
Bhakt Jano Ke Sankat
Daas Jano Ke Sankat
Kshan Men Door Kare
Om Jai Jagadish Hare

Jo Dhyaave Phal Paave
Dukh Bin Se Man Kaa
Swami Dukh Bin Se Man Kaa
Sukh Sampati Ghar Ave
Sukh Sampati Ghar Ave
Kasht Mite Tan Kaa
Om Jai Jagadish Hare

Maat Pita Tum Mere
Sharan Kahoon Kiski
Swami Sharan Kahoon Kiski
Tum Bin Aur Na Dooja
Tum Bin Aur Na Dooja
Aas Karoon Jiski
Om Jai Jagadish Hare

Tum Pooran Paramatma
Tum Antaryami
Swami Tum Antaryami
Paar Brahm Parameshwar
Paar Brahm Parameshwar
Tum Sabke Swami
Om Jai Jagadish Hare

Tum Karuna Ke Saagar
Tum Paalan Karta
Swami Tum Paalan Karta
Main Moorakh Khalakhami
Main Sevak Tum Swami
Kripa Karo Bharta
Om Jai Jagadish Hare

Tum Ho Ek Agochar
Sab Ke Praan Pati
Swami Sab Ke Praan Pati
Kis Vidhi Miloon Dayamaya
Kis Vidhi Miloon Dayamaya
Tum Ko Main Kumati
Om Jai Jagdish Hare

Deen Bandhu Dukh Harta
Thaakur Tum Mere
Swaami Rakhshak Tum Mere
Apne Haath Uthao
Apni Sharan Lagao
Dwaar Padha Tere
Om Jai Jagadish Hare

Vishay Vikaar Mitaao
Paap Haro Deva
Swami Paap Haro Deva
Shradha Bhakti Badhao
Shradha Bhakti Badhao
Santan Ki Seva
Om Jai Jagadish Hare

Om Jai Jagadish Hare
Swami Jai Jagadish Hare
Bhakt Jano Ke Sankat
Daas Jano Ke Sankat
Kshan Men Door Kare
Om Jai Jagadish Hare

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